एटा, फरवरी 1 -- केंद्रीय मंत्री निर्मला सीमारमण की ओर से पेश किए गए बजट को लेकर दिन भर व्यापारी नजरें लगाए रहे। इस बजट में व्यापारियों को मिला तो है, लेकिन वह नहीं मिला जिसकी उम्मीद लगाए बैठे थे। इस बजट से काफी उम्मीदे थी। सोने चांदी के भाव और नीचे चला गए। ऐसा लग रहा है कि अभी और गिरेगा। एटा के लिए कुछ मिला। रेल के लिए कुछ नहीं मिला। कारोबार बिल्कुल बंद हो गया है। बिक्री कम होती जा रही है। कोई खास नहीं है। सोने पर उम्मीद थी कि एक फीसदी और इम्पोट में ड्यूटी कमी होनी चाहिए थी। इस पर सरकार ने ध्यान नहीं दिया। ना ही टैक्स भी कम नहीं किया। राकेश वार्ष्णेय, घंटाघर बजट बहुत प्रभावी नहीं है। जो उम्मीद थी वैसा नहीं रहा। हां इतना जरुर है कि वह बहुत ही दूरदर्शी है। टैक्स में कोई राहत नहीं मिल सकी। कुछ भी लाभ नहीं है। टैक्स के लिए खाली हाथ रहा। अन्य ...
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