गंगापार, जून 12 -- करछना क्षेत्र में इस बार आम की कम पैदावार और बढ़ी कीमतों ने लोगों की रसोई का स्वाद फीका कर दिया है। होली के बाद बढ़ी भीषण गर्मी, आंधी और तूफान के कारण आम के बौर झड़ गए, जिससे फसल प्रभावित हुई। नतीजतन बाजार में आम 80 से 120 रुपये प्रति किलो बिक रहा है, जबकि पिछले वर्षों में यही आम 30 से 40 रुपये किलो उपलब्ध हो जाता था। महंगे आम के चलते अचार, खटाई, पना और अमावट जैसी पारंपरिक चीजें भी लोगों की पहुंच से दूर होती जा रही हैं। करछना क्षेत्र के कौंधियारा, देवरा, आम्बा, करेहा, कौवा, देवरी, महेवा, भड़ेवरा, कटका और आसपास के गांवों में आम के पुराने बगीचे आज भी ग्रामीण विरासत की पहचान बने हुए हैं। हालांकि इस वर्ष पेड़ों पर फल कम लगने से बागों की रौनक फीकी पड़ गई है। पहले अचार डालने के लिए लोगों को आसपास के बागों से आसानी से आम मिल ज...