वाराणसी, मार्च 8 -- वाराणसी, हिटी। जेन-जी के हिंसक विरोध के बाद नेपाल में हुए पहले आम चुनाव के परिणामों ने नए नेपाल के 'उदय' का संकेत दिया है। काठमांडू के मेयर रह चुके बालेंद्र शाह (बालेन) की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी की विजय से यह भी स्पष्ट हो रहा है कि आम चुनावों में युवा नेतृत्व और नई सोच को बल मिला है। इसे नेपाल की राजनीति में नए दौर का आरंभ भी माना जा सकता है। यह कहना है विचारक तथा नेपाल की सियासत पर करीबी नजर रखनेवाले प्रो. दीपक मलिक का। प्रो. मलिक ने कहा कि अनुभव की दृष्टि से बालेन शाह युवा वर्ग के प्रतिनिधि हैं। ऐसे में यह कहा जा सकता है कि आने वाले समय में नेपाल में 'आत्मनिर्भरता' की रूपरेखा को नया आयाम मिलेगा। अन्य देशों पर निर्भरता में कुछ कमी आएगी। प्रो. मलिक ने कहा कि नेपाल की परंपरागत राजनीति को बदलने की दिशा में युवा आगे आ ...
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