चक्रधरपुर, अप्रैल 3 -- चक्रधरपुर। पोड़ाहाट जंगल के बीहड़ बंदगांव घाटी के नीचे का हिस्सा देसली आम के लिए प्रसिद्ध है। यहां जंगल ईलाकों से आने वाले आम का लोगों को इंतजार रहता है। कारण यह है कि, इसकी कीमत काफी कम होती है और लोग आसानी से आम का स्वाद चख पाते है। आम के बाद अब बंदगांव केले के लिए प्रसिद्ध हो रहा है। यहां के लोग पहले धान की खेती पर निर्भर करते थे, लेकिन अब पारंपारिक खेती को छोड़ फलों की खेती की ओर रुख करने लगे हैं। बंदगांव के करीब पांच गांव के लोगों ने 51 एकड़ में करीब तीस हजार केले के पेड़ लगाए हैं। तैयार होने के बाद रांची-चाईबासा मुख्य मार्ग एनएच 75 ई के किनारे केले की बिक्री करते थे। वहीं अब यहां के किसान चक्रधरपुर, रांची, खुंटी सहित आस पास के बाजार में भी केले की बिक्री करने पहुंच रहे हैं। खास बात यह है कि यहां का केला बिना कार्ब...
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