कटिहार, अप्रैल 5 -- कटिहार, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि जिले में बदलते मौसम का असर अब आम के बागानों पर साफ दिखने लगा है। आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से पहले ही फसल को भारी नुकसान झेलना पड़ा था, वहीं अब मधुआ और रेड बैंडेड कैटरपिलर जैसे खतरनाक कीटों के बढ़ते प्रकोप ने बागान मालिकों की चिंता और बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर समय रहते प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया तो इस बार आम की पैदावार को 70 से 80 फीसदी तक नुकसान हो सकता है।कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक पंकज कुमार के अनुसार सीमांचल और कोसी क्षेत्र में इन कीटों का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है। विशेष रूप से रेड बैंडेड कैटरपिलर आम के टिकोले पर जबरदस्त हमला करता है। यह कीट आम के डंठल पर अंडे देता है और लार्वा फल के अंदर घुसकर गुठली और गूदे को नुकसान पहुंचाता है। इसके कारण 80 से 90 फीसदी तक फ...