आम के पेड़ों में बौर आने पर करें सही प्रबंधन, रोगों का नहीं होगा प्रभाव
बलरामपुर, मार्च 19 -- उतरौला, संवाददाता। आम के पेड़ों में बौर आने का समय बेहद संवेदनशील होता है, ऐसे में किसानों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। कृषि विशेषज्ञ डॉ. जुगुल किशोर ने बताया कि इस अवस्था में कीटनाशकों का छिड़काव करते समय सुरक्षा उपाय अपनाना जरूरी है। छिड़काव के दौरान दस्ताने पहनें और आंखों को ढककर रखें, ताकि किसी प्रकार का दुष्प्रभाव न हो। कृषि विशेषज्ञ ने बताया कि छतरी/केटर किट एवं खर्रा रोग से बचाव के लिए इमिडाक्लोप्रिड 17.1 प्रतिशत दवा का 2 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करना प्रभावी होता है। बाग में बौर पूर्ण रूप से खिलने के बाद ही छिड़काव करना चाहिए। इसके अलावा, प्रति हेक्टेयर 20 से 25 लीटर पानी में 2 ग्राम हेक्साकोनाजोल मिलाकर छिड़काव करने की सलाह दी गई है। बेहतर परिणाम के लिए दूसरा छिड़काव 15 दिन के अं...
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