बगहा, अप्रैल 18 -- बेतिया,बेतिया प्रतिनिधि। पश्चिम चंपारण जिले में कृषि के साथ-साथ बागवानी फसलों आम लीची की व्यापक पैमाने पर खेती होती है। लेकिन आम और लीची उत्पादक किसानों को सरकारी सुविधा का लाभ नहीं मिलता है। जिसके कारण इन्हें काफी घाटा उठानी पड़ती है। पश्चिम चंपारण जिले में फिलहाल 4000 हेक्टेयर में आम और लीची की खेती होती है। प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 20000 परिवार इससे जुड़े हुए हैं। जिनके जीवन यापन का स्रोत बागवानी फसलों की खेती और व्यापार करना है। किसान भारत साह, शंभू महतो, हरिशंकर सिंह, सत्यदेव कुमार ने बताया कि आम और लीची उत्पादक किसानों को जानकारी के अभाव में सरकारी सुविधा का लाभ नहीं मिलता है। योजनाओं में प्रदर्शित नहीं होने और प्रचार प्रसार के अभाव में अधिकांश किसान वंचित रह जाते हैं। कुछ खास लोगों को ही सरकारी सुविधा का...
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