चतरा, अप्रैल 1 -- टंडवा, निज प्रतिनिधि। आम्रपाली में चौथे फेज के ठेका विवाद के कारण सीसीएल को लगभग 900 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। पिछले साल 2025 में कोयला ओबी उत्पादन और डिस्पैच के लिए सीसीएल ने 8200 करोड़ रुपये का टेंडर निकाला था। परंतु ठेकेदारी का विवाद इतना बढ़ा कि न्यायपालिका के हस्तक्षेप के बाद ही यह समाप्त हो सका। इस ठेके को लेकर सीसीएल को दो बार टेंडर प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। वैसे तो यह ठेका कलिंगा को मिला था पर 700 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी जमा करने पर नागार्जुन को आम्रपाली का काम मिल गया। हालांकि आम्रपाली को वर्ष 2025-26 में 28 मिलियन टन कोयला उत्पादन करना था, वह 16.50 एमटी पर ही सिमट गया।

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