नई दिल्ली, मई 2 -- बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान अपनी फिल्मों का चुनाव बहुत सोच समझकर करने के लिए जाने जाते हैं। हालांकि उनके करियर में कुछ मौके ऐसे भी रहे हैं, जहां उन्होंने बिना सोचे-समझे और स्क्रिप्ट पड़े ही फिल्मों के लिए हां कर दी। आमिर खान ने जाकिर खान के साथ बातचीत में बताया कि कैसे वह कोर लॉजिकल या रणनीतिक तरीके से सोचने की बजाए कई बार सिर्फ भावनात्मक रूप से अपनी फिल्मों का चुनाव करते हैं। आमिर खान ने बताया कि उन्हें अपने पिता से डर लगता है और कुछ मौके तो ऐसे भी थे जब उन्होंने बिना स्क्रिप्ट पढ़े ही फिल्मों के लिए हां बोल दिया था। चलिए जानते हैं यह पूरा किस्सा।पिता की वजह से करनी पड़ गई थी यह फिल्म आमिर खान ने बताया कि उन्होंने 'अव्वल नंबर' और 'तुम मेरे हो' की स्क्रिप्ट सुने बिना ही इन फिल्मों को साइन कर लिया था। उन्होंन...