गया, अप्रैल 23 -- भीषण गर्मी में प्रखंड का वाटर लेयर तेजी से नीचे भाग रहा है। इस कारण गांव टोले में लगे अधिकतर चापाकलों से पानी निकलना कम हो गया है। नल जल योजना का बुरा हाल है। ऐसे में गरीबों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रखंड के कई आंगनबाड़ी केंद्रों में लगे चापाकलों के खराब रहने से बच्चों को प्यास बुझना मुश्किल हो गया है। सांव बंगला पर सालों पूर्व के बने सामुदायिक भवन में संचालित सांवखुर्द आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों के लिए पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। करमाइन आंगनबाड़ी केंद्र में लगे चापाकल महीनों से खराब है। इस कारण प्यास लगने पर नन्हे बच्चों को लू के बीच गांव में जाना पड़ता है। साथ ही इनके लिए पोषाहार बनाने के लिए सेविका-सहायिका को दूर से पानी लाना पड़ता है। करमाइन की सेविका चमेली देवी कहती हैं कि केंद्र में लगे चापाकल के खराब होने की ज...