नई दिल्ली, सितम्बर 8 -- दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को एक मामले की सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को कड़ी फटकार लगाई। इस दौरान अदालत ने सख्त टिप्पणी करते हुए यहां तक कह दिया कि आप ऐसा कैसे कर सकते हैं आप भारत सरकार हैं। मामला महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से जारी POSH (कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम) हैंडबुक में यौन उत्पीड़न की शिकार महिला की पहचान उजागर करने से जुड़ा है। मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने जोर देते हुए बताया कि कानून के तहत यौन अपराध की शिकार महिला की पहचान उजागर करना मना है और ऐसा करना दंडनीय अपराध है। इसी के मद्देनजर उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को भी इस कानून का पालन करना होगा। जस्टिस शर्मा ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए कहा, 'इसमें पीड़िता का नाम कैसे उजागर किया गया? आप ऐसा कैसे कर सकते...