आपातकाल में जीवन रक्षक बन सकता है सीपीआर
जमशेदपुर, जून 10 -- जमशेदपुर। आपातकाल की स्थिति में किसी व्यक्ति के लिए सीपीआर करना जीवन रक्षक के रूप में काम आ सकता है। यह सीपीआर उस समय डॉक्टर और अस्पताल से बढ़कर काम करेगा और ऐसी स्थिति में व्यक्ति को बचाया जा सकता है। यह बातें कोलकाता स्थित मणिपाल अस्पताल से जमशेदपुर आए दो हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर कौशिक मुखर्जी और डॉक्टर सुमंत चटर्जी ने कही। इन डॉक्टरों ने बताया कई बार किसी व्यक्ति को एक घंटा तक लगातार सीपीआर देने के बाद वह जीवित हो उठा है। ऐसी स्थिति में कि जब कोई व्यक्ति अचानक गिर जाए और उसके धमनी का फड़कना और सांस चलना बंद हो जाए तो उसे सीपीआर किया जाना चाहिए। उन्होंने ने बताया कि हृदय रोग का प्रसार बढ़ता जा रहा है। उच्च रक्तचाप, मधुमेह, मोटापा, तंबाकू सेवन शारीरिक निष्क्रियता और तनाव जैसी जीवन शैली इसके लिए प्रमुख कारण बनते जा रहे...
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