नई दिल्ली, नवम्बर 4 -- बिजनौर, वरिष्ठ संवाददाता। उल्लुओं के बच्चों को जिंदा रखने के लिए चिकन-मटन और चूहे खिलाए जा रहे थे। बावजूद इसके उल्लू के बच्चे आपस में लड़ पड़े और दो बच्चों की मौत हो गई। आपसी लड़ाई में उल्लू के दो बच्चों को हल्की-फुल्की चोट आई है और दो बच्चे पूरी तरह स्वस्थ हैं। वन विभाग के कर्मचारी उल्लू के चारों बच्चों की सेवा में जुटे हैं। कृष्ण बिहार कालोनी निवासी जगदीश के घर से वन विभाग की टीम 6 उल्लू के बच्चे रेस्क्यू कर अपने साथ लेकर आई थी। ब्रान प्रजाति के उल्लू के 6 उल्लूओं के बच्चों की रेंजर बिजनौर कार्यालय पर पूरी तरह से देखभाल हा रही थी। पहले तो उल्लूओं के बच्चों को जिंदा रखने को चिकट-मटन खिलाया गया और बाद में बच्चों के लिए देहरादून से 52 चूहे मंगाए गए थे। रेंजर कार्यालय में पिंजरे में रखे गए छह उल्लू के बच्चे आपस में लड़ पड...