नई दिल्ली, सितम्बर 20 -- नई दिल्ली। कड़कड़डूमा कोर्ट ने करीब 20 साल पुराने एक पारिवारिक विवाद और मकान में जबरन घुसकर कब्जा करने और मारपीट के मामले में सात आरोपियों को दोषी ठहराया है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि भले ही पक्षों के बीच संपत्ति को लेकर दीवानी (सिविल) विवाद चल रहा हो, लेकिन कानून किसी को भी भीड़ बनाकर हिंसा करने या जबरन कब्जा करने की अनुमति नहीं देता। यह मामला सीलमपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत वर्ष 2006 में दर्ज हुई प्राथमिकी से जुड़ा है।अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तुषार गुप्ता की अदालत ने आरोपी मोहम्मद अनीश, मुन्नी, साबू उर्फ सहाना, गुड़िया उर्फ खुरशीदा, रहीश अहमद, इरफान और नफीस को दोषी पाया है। मामले की सुनवाई के दौरान दो अन्य आरोपियों, मोहम्मद उस्मान और रानी की मृत्यु हो चुकी है। अदालत ने अपने 24 पन्नों के फैसले में कह...