पाकुड़, जनवरी 21 -- पाकुड़, एक प्रतिनिधि। पाकुड़ व्यवहार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय में चल रहे मूल भरण पोषण वाद संख्या 267/2025 रूपाली खातून बनाम सफीकुल शेख जो वर्षों से अलग रह रहे थे। जिनका एक 3 वर्ष की पुत्री मलिका खातून है। प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय रजनीकांत पाठक के निरंतर अथक प्रयास से विवाहित जोड़ों के बीच चल रहे विवादों को सुलझाकर उन्हें फिर से एक किया गया है। आपसी मतभेद को समाप्त कर दंपति एक साथ रहने के लिए राजी हुए। इस दौरान प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय रजनीकांत पाठक ने दंपतियों को आपस में मिल-जुल कर रहने, दुबारा मतभेद ना हो, वैवाहिक जीवन में एक दूसरे को समझते हुए मिल-जुलकर एक साथ खुशी-खुशी रहने का संदेश दिया। मौके पर दोनों पक्षों के परिवार के सदस्य, कोर्ट कर्मी, उभय पक्ष से संबंधित अधिवक्ता सालेह नाज़,...
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