नई दिल्ली, अक्टूबर 29 -- सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को देशभर में आपराधिक मामलों में आरोप तय करने के स्तर पर अत्यधिक देरी पर गंभीर चिंता जताई। अदालत ने कहा कि इसकी वजह से भी मुकदमों के निपटान में देरी होती है। शीर्ष अदालत ने कहा कि इसके मद्देनजर हमारा मानना है कि देशभर में आपराधिक मामलों में समय सीमा के भीतर आरोप तय करने के लिए कुछ निर्देश जारी करने की जरूरत है ताकि कानूनी प्रावधानों का पालन सुनिश्चित किया जा सके। जस्टिस अरविंद कुमार और एन.वी. अंजारिया की पीठ ने एक आपराधिक मामले की सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की। इस मामले में याचिकाकर्ता अमन कुमार की ओर से पेश अधिवक्ता ने पीठ से कहा कि आरोपी पिछले कई माह से साल से जेल में बंद है, बावजूद मामले में उस पर आरोप तय नहीं किए गए। इसके बाद जस्टिस कुमार ने सवाल किया कि दीवानी और आपराधिक दोनों मामलों मे...
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