प्रयागराज, मई 1 -- प्रयागराज, विधि संवाददाता। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक आदेश में स्पष्ट किया है कि केवल आपराधिक मामला लंबित होने के आधार पर चरित्र प्रमाण पत्र रोका नहीं जा सकता। इसी के साथ कोर्ट ने पुलिस प्रशासन को शासन द्वारा जारी नवीनतम दिशा-निर्देशों के अनुसार याची को प्रमाण पत्र जारी करने का निर्देश दिया है। यह भी पढ़ें- अपमान की मंशा बिना जाति से बुलाना एससी/एसटी एक्ट का अपराध नहीं, हाईकोर्ट ने रद्द की कार्यवाहीआदेश का विवरण यह आदेश न्यायमूर्ति अरिंदम सिन्हा एवं न्यायमूर्ति सत्यवीर सिंह की खंडपीठ ने नीतीश कुमार की याचिका पर उसके अधिवक्ता निर्भय कुमार भारती व सरकारी वकील को सुनकर दिया है। याचिका में याचिका ने एडीजी के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें याचिका का चरित्र प्रमाण पत्र आवेदन इस आधार पर निरस्त कर दिया गया था कि याचिका के विरुद्ध...
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