आपबीती: जान तो बच गई पर नहीं भूल पा रहे वो मंजर
नई दिल्ली, अगस्त 29 -- नेपाल त्रासदी के बाद राहत और बचाव कार्य जारी है। आपदा को मात देने वालों का कहना है कि जान तो बच गई लेकिन जहन से वो मंजर नहीं भूल पा रहे। लोगों का कहना है कि मौत आंखों के सामने नाच रही थी। अपनों को पानी में डूबकर जान गंवाते हुए देखा लेकिन बेबसी और लाचारी के आगे कुछ नहीं कर सके। पेश है मंजर को करीब से देखने वाले लोगों की कहानी उन्हीं की जुबानी। गाद से जिंदा निकली 97 साल की महिला यह भी पढ़ें- नेपाल में मदद करने पहुंचे भारत के 'देवदूत', सिलक्यारा रेस्क्यू में दिखा चुके हैं जौहरगाद से जिंदा निकली 97 साल की महिला नेपाल में बाढ़ के साथ आई गाद में फंसी 97 वर्ष की महिला ने मौत को मात दी है। माया बोहरा को बचाव दल ने चार घंटे की कठिन मेहनत के बाद गाद से जिंदा निकाला। डॉक्टरों ने बताया कि उनकी स्थिति ठीक है। माया के पोते दीपक न...
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