नई दिल्ली, मार्च 20 -- नई दिल्ली। विशेष संवाददाता सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि पत्नी द्वारा खाना नहीं बनाना या घर के अन्य कामकाज ठीक से नहीं करने को क्रूरता नहीं माना जा सकता है। शीर्ष अदालत ने कहा कि समय बदल चुका है और पति को भी खाना बनाने या अन्य घरेलू कामकाज में हाथ बंटाना होगा।जस्टिस विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ ने पत्नी पर क्रूरता के आरोप लगाकर तलाक की मांग कर रहे युवक की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की है। जस्टिस विक्रमनाथ ने पति (युवक) से कहा कि अब समय बदल गया है और आपको भी खाना बनाने या अन्य घरेलू कामकाज में मदद करनी चाहिए। जस्टिस संदीप मेहता ने कहा कि 'आप किसी नौकरानी से शादी नहीं कर रहे हैं, आप एक जीवनसाथी से शादी कर रहे हैं, आपको भी घर के कामकाज में भूमिका निभानी होगी। जस्टिस विक्रम नाथ ने आगे कहा कि पति को भ...