नई दिल्ली, फरवरी 20 -- साइबर फ्रॉड के शिकार लोगों को भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से थोड़ी राहत मिलने वाली है। बीते दिनों रिजर्व बैंक ने डिजिटल फ्रॉड में हो रही बढ़ोतरी के बीच ग्राहकों को धोखाधड़ी वाले ट्रांजैक्शन के लिए 25,000 रुपये तक की मुआवजा देने की घोषणा की। आइए जानते हैं कि ये मुआवजा किसे और कैसे मिलेगा।किस तरह के पीड़ित को मिलेगा मुआवजा? साइबर फ्रॉड के पीड़ितों को 25,000 रुपये का मुआवजा उन मामलों में भी दिया जाएगा जहां ग्राहक गलती से अपना वन-टाइम पासवर्ड (ओटीपी) धोखेबाजों के साथ साझा कर देते हैं। मतलब ये कि अगर आपने गलती से स्कैमर को ओटीपी शेयर कर दिया है और आपके बैंक से पैसे कट गए हैं तो आप इस स्कीम का लाभ लेने के लिए योग्य हैं।सिर्फ एक बार ही लाभ रिजर्व बैंक के गवर्नर ने स्पष्ट किया था कि पीड़ित को जीवन में केवल एक बार ही मुआवजा मिल...
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