मोतिहारी, अप्रैल 12 -- ध्रुव नारायण सिंह, मोतिहारी। महंगी खेती अन्नदाता किसानों की बेहाली का कारण बनती जा रही है। दिन रात पसीना बहाने के बावजूद खेती में लगी पूंजी भी निकालना मुश्किल होते जा रहा है। मौसम की बेवफाई का असर खेती पर पड़ने से किसानों की बदहाली कम नहीं होती दिख रही है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए नित सरकारी दावों के बावजूद किसानों को खेती से मुनाफा कमाना सपना बनकर रह जा गया है। जो गेहूं की खेती करने वाले किसानों पर खूब फिट बैठ रहा है। जिले में नवंबर में रबी खेती में गेहूं की बुआई किसान शुरू कर देते हैं। इस खेती के लिए खेत की जुताई से लेकर खाद बीज का जुगाड़ करने में काफी पूंजी खर्च हो जाती है। गेहूं की बुआई के बाद पटवन की चिंता किसानों को सताने लगती है। पटवन के बाद यूरिया खाद की टॉप ड्रेसिंग के लिए दुकानदारों के यहां चक्कर लगाने ...