वाराणसी, फरवरी 14 -- वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि ट्रॉमा सेंटर को अक्सर गंभीर रूप से घायल मरीजों की अचानक बड़ी संख्या का सामना करना पड़ता है। ऐसी परिस्थितियों में परिजनों के बीच घबराहट तथा त्वरित नैदानिक निर्णय लेने में अनिश्चितता जीवन के लिए घातक सिद्ध हो सकती है। प्रभावी प्रतिक्रिया केवल ज्ञान या तकनीकी कौशल पर नहीं, बल्कि तत्परता, और जीवन के संकट के क्षणों में निर्णायक कार्रवाई करने की क्षमता पर अधिक निर्भर करती है। ऐसे में आपदा के समय भीड़ प्रबंधन जरूरी है। बीएचयू में आयोजित 'जनस्वास्थ्य आपात स्थितियों के प्रबंधन' विषय पर कौशल निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि कुलपति अजित कुमार चतुर्वेदी ने स्किल सेंटर को व्यापक जनसंपर्क दृष्टिकोण अपनाने और विद्यालयों, महाविद्या...
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