आपत्तिजनक स्थिति से व्यभिचार साबित नहीं होता : हाईकोर्ट
मधुबनी, सितम्बर 7 -- पटना। पटना हाईकोर्ट ने एक पति की अपील खारिज की, जिसमें उसने व्यभिचार और क्रूरता के आधार पर शादी खत्म करने की मांग की थी। कोर्ट ने कहा कि पत्नी को सिर्फ आपत्तिजनक स्थिति में देखने से साबित नहीं होता कि उसने दूसरे व्यक्ति के साथ शारीरिक संबंध बनाए। जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस राणा विक्रम सिंह की खंडपीठ ने मधुबनी के फैमिली कोर्ट के प्रिंसिपल जज का फैसला बरकरार रखा।
शादी और बच्चे का जन्म अपीलकर्ता ने दो जुलाई, 2006 को प्रतिवादी से शादी की थी। बाद में 2010 में जोड़े का एक बेटा हुआ। पति के अनुसार, बच्चे के जन्म के बाद उसकी पत्नी ने अपने जीजा के साथ नाजायज संबंध बनाए। दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देखा। वहीं, पत्नी ने कहा-आरोप मनगढ़ंत और बनावटी है। उसने तर्क दिया कि ऐसा आरोप लगाना ही अपने आप में क्रूरता है। उसने यह भी आरोप...
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