नई दिल्ली, जुलाई 16 -- सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बिहार सरकार के एक निर्णय को चुनौती देने वाली याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। राज्य सरकार ने पूर्व सांसद आनंद मोहन को समय से पहले रिहा करने का निर्देश दिया था। मोहन 1994 में गोपालगंज के तत्कालीन डीएम जी. कृष्णैया की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे थे। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की पीठ ने याचिकाकर्ता उमा कृष्णैया (मृत अधिकारी की पत्नी), बिहार सरकार, मोहन और राज्य सजा माफी बोर्ड की ओर से पेश वकीलों की दलीलें सुनीं। सुनवाई के दौरान, पीठ ने हैरानी जताई कि ड्यूटी पर तैनात एक सरकारी कर्मचारी की हत्या को 'दुर्लभतम' मामला क्यों नहीं माना गया। यह भी पढ़ें- निर्मल महतो हत्याकांड के आरोपी को रिहा करने पर दोबारा निर्णय ले सरकार : हाईकोर्ट पीठ ने कहा कि इन टिप्पणियों से अप...