बोकारो, मई 21 -- बोकारो, प्रतिनिधि। पुनदान के समीप स्थित आनंद नगर में धर्म महासम्मेलन के पूर्व संध्या पर भव्य कीर्तन मंडप में भक्तो ने हिस्सा लिया। इस मौके पर आचार्य सवितानंद अवधूत बाबा नाम केवलम् अखंड कीर्तन के बारे में बताया। यह भी पढ़ें- आनंद मार्ग का तीन दिवसीय विश्वस्तरीय धर्म महासम्मेलन 22 मई से कीर्तन की शक्ति आचार्य ने कहा कि कीर्तन, भक्ति और ध्यान का अद्वितीय माध्यम है, जिसके माध्यम से एक व्यक्ति ईश्वर के साथ गहरा संवाद स्थापित कर सकता है। कीर्तन की शक्ति व्यक्ति को अविरल ध्यान, स्थिरता और आनंद की अनुभूति देती है। यह एक अद्वितीय विधि है जो हमें मन, शरीर और आत्मा के संगम के अनुभव को आदर्श दर्शाती है। कीर्तन से हम अपने मन को संयमित कर सकते हैं और इंद्रियों के विषयों के प्रति वैराग्य की प्राप्ति कर सकते हैं। यह हमें अविरल स्थिति में...