मुरादाबाद, मई 18 -- मुरादाबाद। पुरुषोत्तम मास शुरू हो चुका है। यही अवधि आध्यात्मिक उत्थान के लिए सर्वश्रेष्ठ मानी गई है। कर्म कांड करने वाले इसे मल मास भी कहते हैं। क्योंकि इस माह में उन्हें पूजा का कोई भौतिक लाभ नहीं मिलता। मगर इस माह में की गई भक्ति गतिविधियां पापों के कारण होने वाली गंदगी और प्रदूषण को नष्ट कर देती हैं। यह जानकारी देते हुए कथा वाचक कविचंद्र ने दूरभाष पर बताया कि इसे अधिक मास इसलिए भी कहा जाता है कि श्री कृष्ण इस माह में अपनी सभी शक्तियां, दया, आशीर्वाद रखते हैं इसी लिए इस माह में किये गए किसी भी पवित्र कार्य का अधिक फल मिलता है। यह भी पढ़ें- Purnima May 2026: 30 या 31 मई कब है अधिकमास की पूर्णिमा? जानें पंडित जी से स्नान व दान का समय भी यह मास श्री कृष्ण को अधिक प्रिय है। उन्होंने बताया भगवान जगन्नाथ को पुरुषोत्तम के न...