गाज़ियाबाद, मई 1 -- गाजियाबाद, प्रदीप वर्मा। बुद्ध पूर्णिमा की 11 बजे तक ओपीडी होने से शुक्रवार को सरकारी अस्पतालों में मरीजों को भटकना पड़ा। ओपीडी बंद होते ही इमरजेंसी में मरीजों की भीड़ बढ़ गई। हालांकि सभी मरीजों को उपचार दिया गया। लेकिन इससे इमरजेंसी सेवाएं प्रभावित हो गई। सरकारी अस्पतालों में शुक्रवार को ओपीडी महज सुबह 11 बजे तक चली और उसके बाद इलाज के लिए आए मरीजों की भीड़ सीधे इमरजेंसी पर टूट पड़ी। हालात ऐसे बने कि जहां जिंदगी बचाने की दौड़ होनी चाहिए थी, वहां मरीज लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। एमएमजी अस्पताल में दोपहर दो बजे तक 90 से ज्यादा मरीज इमरजेंसी में इलाज करा चुके थे। यह भी पढ़ें- ओपीडी बंद होने से इमरजेंसी में लगी भीड़ अचानक बढ़े दबाव से डॉक्टरों और स्टाफ के पसीने छूट गए। गंभीर मरीज भी देरी का शिकार हुए...
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