लखीसराय, अप्रैल 22 -- मनोज कुमार, लखीसराय। शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र की हवाओं में अब केवल राजनीति और व्यापार की चर्चा नहीं होती बल्कि अब यहां की सुबह पसीने की खुशबू से महक रही है। वर्षों तक आलस और तेल मसाले वाली संस्कृति में डूबा यह जिला अब एक ऐसी स्वास्थ्य क्रांति की ओर बढ़ रहा है जहां लोग बीमारी को बुलावा देने वाली अपनी पुरानी आदतों को जड़ से उखाड़ फेंक रहे हैं। भागदौड़ भरी जिंदगी, बढ़ते प्रदूषण और असंतुलित जीवनशैली के बीच अब जिले के लोग अपनी सेहत को लेकर पहले से कहीं अधिक सजग और जागरूक हो गए हैं। शहर के गांधी मैदान से लेकर प्रखंडों की पगडंडियों तक सुबह और शाम पसीना बहाते युवा, बुजुर्ग व बच्चे इस बात का प्रमाण हैं कि अब हेल्थ इज वेल्थ महज एक कहावत नहीं बल्कि जीवन का मंत्र बन चुका है।-----व्यवस्था नहीं फिर भी पार्कों और मैदानों में बढ़ी रौनक:क...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.