बिहारशरीफ, मार्च 12 -- आधुनिक विश्वविद्यालयों को भी ज्ञान सृजन का केंद्र बनना होगा : डॉ कविता केवल जानकारी देना नहीं, नई सोच व विचारों को जन्म देना था प्राचीन शिक्षा का मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालयों के शोध का लाभ आम जनमानस तक पहुंचाने के लिए उद्योग जगत से तालमेल है जरूरी राजगीर, निज संवाददाता। अंतरराष्ट्रीय साहित्य महोत्सव में साहित्यकार डॉ. कविता शर्मा ने आधुनिक शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियों पर अपनी बेबाक राय रखी। कहा कि प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय केवल पढ़ाई का संस्थान नहीं था, बल्कि वह नए ज्ञान शोध और चिंतन के सृजन का सबसे बड़ा वैश्विक केंद्र था। 21वीं सदी में हमारे आधुनिक विश्वविद्यालयों को भी इसी तर्ज पर काम करना होगा। वहां छात्रों को सिर्फ किताबी जानकारी न मिले बल्कि नई सोच और नवाचार को भी बढ़ावा दिया जाए। डॉ. शर्मा ने सबसे अधिक जो...
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