कानपुर, अप्रैल 28 -- कानपुर। प्रमुख संवाददाता आधुनिक विज्ञान एवं भारतीय पारंपरिक ज्ञान के समन्वय से अनुसंधान व नवाचार को बढ़ावा देने से जल्द लाभ मिलेगा। यह बात स्वीडन की यूनिवर्सिटी ऑफ गोथेनबर्ग के प्रो. रविकांत पाठक ने कही। उन्होंने वायुमंडलीय रसायन और वैश्विक स्थिरता पर जानकारी दी। कहा, भारतीय वेद, पुराण, उपनिषद में अनेक अनुसंधान व नवाचारों का जिक्र है। इसे अगर आधुनिक विज्ञान से मिला दें तो सफलता तेजी से मिलेगी। सीएसजेएमयू के स्कूल ऑफ बेसिक साइंसेज की ओर से डीआरडीओ की मदद से "एडवांस्ड रिसर्च एंड एआई-इनेबल्ड इनोवेशंस इन साइंस एंड टेक्नोलॉजी फॉर प्रेजेंट चैलेंजेस एंड फ्यूचर ऑपर्च्युनिटीज विषय पर प्रथम अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन हुआ। हाइब्रिड मोड में आयोजित इस सम्मेलन का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रो. रविकांत पाठक, विशिष्ट अतिथि आईआईटी कान...