दरभंगा, जुलाई 19 -- संजय लाला,दरभंगा। एपक्रीकॉन संस्था के संस्थापक एवं मेंटर डॉ. एमके सुदर्शन ने कहा कि भारत को रेबीज मुक्त बनाने के लिए वैज्ञानिक रणनीति, व्यापक टीकाकरण और सामुदायिक सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मनुष्य और पशुओं दोनों के लिए समन्वित प्रयास ही स्थायी समाधान प्रदान कर सकते हैं। डॉ. दुर्गा माधव सत्यापति ने कहा कि रेबीज नियंत्रण के लिए चिकित्सा, पशुपालन और स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान तेज करने पर बल दिया। डॉ. हेमंत कुमार गोहिल ने स्वास्थ्य कर्मियों के नियमित प्रशिक्षण और नवीन वैज्ञानिक शोध को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। यह भी पढ़ें- जागरूकता से रेबीज का पूर्ण रोकथाम संभव : प्रो. चौधरी पीएचसी तक उपलब्ध कराएं वैक्सीन : डॉ. रायदरभंगा। दरभंगा मेडिकल कॉले...