आधुनिकता से नदियों के अस्तित्व पर संकट
बलिया, जून 23 -- बलिया। नदियों के प्रति जारी नादान गतिविधियां बंद नहीं हुई तो प्रकृति असहज होकर मानवता की मुश्किलें बढ़ाएगी। नदियों पर आधुनिकता भारी पड़ रही है। इससे नदी सभ्यता के अस्तित्व पर ही सवाल उठ रहे है। सोमवार को हनुमानगंज ब्लाक के बड़सरी स्थित दुर्गा मंदिर में गंगा की बदलती कथा विषयक विचार- विमर्श के दौरान गंगा मुक्ति एवं प्रदूषण विरोध अभियान के प्रणेमा रमाशंकर तिवारी ने कहा कि गंगा का संकट राष्ट्र का चिंतनीय बिंदु है, जो नारों से हल नहीं होगा। नदी सभ्यता पर चल रहे नए उपक्रमों के कारण उपजी समस्याओं का निदान खोजना होगा। कार्यक्रम में दुर्गेश, प्रियांशु, रामजन्म शर्मा, कमक्षा गुप्ता आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता पं वैकुंठनाथ पांडेय एवं संचालन उम्बेश पांडेय ने किया।
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