आधुनिकता में बदल गया कांवड़ लाने का तरीका
फर्रुखाबाद कन्नौज, अगस्त 5 -- फर्रुखाबाद । सावन के महीने में चहुंओर बम बम भोले के उद्घोष गूंज रहे हैं। पांचालघाट के कांवड़ मेले में गजब का धार्मिक उल्लास बिखरा हुआ है। कोई डाक कांवड़ लेकर जा रहा है तो कोई गंगाजल लेकर शिवालयों के लिए निकल रहा है। इटावा-बरेली हाईवे पूरी तरह से केसरिया रंग में कांवड़ियों की भीड़ के चलते रंगा हुआ है। यह भी पढ़ें- रंग-बिरंगी कांवड़ों से गुलजार हुआ दिल्ली हाईवेकांवड़ ले जाने के नए तरीके इस बार कांवड़ ले जाने के कई तरीके दिखायी दे रहे हैं। आधुनिकता में कांवड़ ले जाने का तरीका भी बदला हुआ दिखायी दे रहा है। कांच की शीशी से लेकर कलश तक कांवड़ पहुंच गयी हेै। कोई 31 तो कोई 51 लीटर जल कलश में लेकर निकल रहा है। कांवड़ियों का उत्साह शिव भक्ति को लेकर देखते ही बन रहा है। करीब चार साल से कांवड़ ले जाने के तरीके में युवाओं ने जो बदल...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.