नई दिल्ली, मई 20 -- सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर कर केंद्र, राज्यों और निर्वाचन आयोग को यह सुनिश्चित करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया कि आधार कार्ड का इस्तेमाल पहचान के प्रमाण के रूप में किया जाए, न कि नागरिकता, निवास स्थान के प्रमाण के रूप में। अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय की ओर से दायर याचिका में कहा गया कि आधार का उपयोग स्कूल में दाखिले, संपत्ति खरीदने और जन्म प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, आयु, नागरिकता और निवास प्रमाण के रूप में किया जा रहा है। इसके अलावा नए मतदाता पंजीकरण आवेदन पत्र (फॉर्म-6) में जन्म तिथि और निवास प्रमाण के रूप में भी किया जा रहा है। इस प्रकार, घुसपैठिए और अवैध प्रवासी आधार का इस्तेमाल करके विभिन्न दस्तावेज प्राप्त कर रहे हैं। याचिका में यह दलील दी गई है कि फॉर्म-6 के तहत मौजूदा सत्याप...