पटना, फरवरी 22 -- महाशिवरात्रि और होली के बीच पड़ने वाले फाल्गुन शुक्ल पक्ष एकादशी को आमलकी एकादशी या रंगभरी एकादशी कहते है। मान्यता है कि यह एकादशी मोक्षदायिनी है। इस वर्ष आमलकी एकादशी का व्रत श्रद्धालु आयुष्मान, सौभाग्य और सर्वार्थ सिद्ध जैसे शुभ योग और आद्रा नक्षत्र में 27 फरवरी को रखेंगे। पं. अखिलेश मिश्रा बताते हैं कि एकादशी तिथि 26 फरवरी की रात साढ़े 12 बजे के बाद शुरू हो रही है। जो 27 फरवरी की रात साढ़े 10 बजे के बाद समाप्त होगी। लेकिन उदयातिथि के कारण श्रद्धालु 27 फरवरी को व्रत रखेंगे। एकादशी व्रत करने वाले श्रद्धालुओं उपवास का पारण 28 फरवरी की सुबह 06:45 बजे से 09 बजे के बीच करेंगे। पं. अखिलेश बताते हैं कि आमलकी एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा के साथ आंवला के वृक्ष (आमलकी) की पूजा की जाती है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से व...
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