नई दिल्ली, अप्रैल 22 -- अवैध रेहड़ी वालों से जुड़े मामलों की सुनवाई कर रहे बॉम्बे हाई कोर्ट ने पुलिस और BMC को कड़ी फटकार लगाई है। उच्च न्यायालय का कहना है कि दोनों एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते रहेंगे, तो आम आदमी जाएगा कहां। खास बात है कि सुनवाई के दौरान अदालत ने दो वकीलों को पुलिस के साथ मौके का मुआयना करने भेजा था। साथ ही अदालत ने अधिकारियों से सवाल किया कि अगर आदेशों का पालन किया जा रहा है, तो याचिकाकर्ता कोर्ट क्यों आ रहे हैं। अवैध रूप से रेहड़ी लगाने के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर मंगलवार को जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस कमल खाटा की बेंच सुनवाई कर रही थी। कोर्ट ने पूछा, 'BMC का कहना है कि यह पुलिस की जिम्मेदारी है। पुलिस का कहना है कि यह BMC का काम है। आम आदमी आखिर जाएगा कहां।' इसके बाद अदालत ने छत्रपति शिवाजी टर्मिनस और फ्लोरा फाउंटेन के ब...