प्रयागराज, अक्टूबर 25 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शादी का झांसा देकर जमानत हासिल करने और बाद में वादे से मुकरने के एक मामले में सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने आरोपी की जमानत तत्काल प्रभाव से रद्द करते हुए उसे हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। साथ ही न्यायालय के आदेश की अवहेलना और लापरवाही बरतने पर एसएसपी मेरठ को शाम चार बजे तक कोर्ट रूम में ही खड़ा रखा तथा मेरठ के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आचरण को घोर लापरवाही व अनुशासनहीनता मानते हुए मामले को प्रशासनिक जांच के लिए भेज दिया। ​यह आदेश न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल ने दाखिल जमानत निरस्तीकरण अर्जी को स्वीकार करते हुए दिया। मामले के तथ्यों के अनुसार ​मेरठ के सरधना थाने में दर्ज मुकदमे के आरोपी को हाईकोर्ट की पीठ ने गत 18 मार्च को इस शर्त और अंडरटेकिंग पर जमानत दी थी कि वह पीड़िता से विवाह कर...