शाहजहांपुर, मई 15 -- शाहजहांपुर। करीब पांच महीने पहले जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने निर्देश दिए थे कि स्कूली बच्चों को ले जाने वाले ई-रिक्शा में छह से अधिक बच्चे मिलने पर वाहन तत्काल सीज किया जाए। जिम्मेदारी ट्रैफिक पुलिस और एआरटीओ पर थी, लेकिन शहर की सड़कों पर शुक्रवार को जो तस्वीर दिखी, उसने पूरे सिस्टम की पोल खोल दी। हिन्दुस्तान की पड़ताल में चौक क्षेत्र, अंटा चौराहा, जीएल कनौजिया अस्पताल मोड़, विवेकानंद तिराहा, बरेली मोड़ और एसएस कॉलेज रोड पर क्षमता से अधिक बच्चे ई-रिक्शा और अन्य स्कूली वाहनों में भरे मिले। कई वाहन चालकों ने बच्चों को सीटों के बीच खड़ा कर रखा था, जबकि कुछ बच्चों को पीछे लटकाकर ले जाया जा रहा था। सबसे खतरनाक तस्वीर एसएस कॉलेज रोड पर दिखी, जहां एक ई-रिक्शा चालक ने अंदर क्षमता से अधिक ...