नई दिल्ली, जनवरी 21 -- नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। साकेत जिला अदालत ने कानून के आदेशों की अवहेलना और भरण-पोषण की राशि न चुकाने वाले पति को कड़ी फटकार लगाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अनुज अग्रवाल की अदालत ने निचली अदालत द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट को चुनौती देने वाली याचिका खारिज करते हुए इसे पूरी तरह आधारहीन करार दिया। अदालत ने साफ कहा कि जो व्यक्ति कानून से राहत चाहता है, उसे पहले कानून का सम्मान करना होगा। अदालत ने पति पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने आदेश दिया कि जुर्माने की राशि सात दिनों के भीतर साकेत कोर्ट बार एसोसिएशन के अधिवक्ता वेलफेयर फंड में जमा कराई जाए। ऐसा न करने पर आरोपी के खिलाफ अलग से वसूली की कार्यवाही शुरू की जाएगी। मामला पत्नी और दो नाबालिग बच्चों के भरण-पोषण से जुड़ा है। निचली अदालत ने पहले पति ह...