रांची, अगस्त 9 -- रांची। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि आदिवासी समाज की जीवनशैली भारतीय संस्कृति के जीवन दर्शन का अभिन्न हिस्सा है। प्रकृति के साथ संतुलन, जंगलों के संरक्षण, पारंपरिक खेती, जैविक कृषि और औषधीय पौधों के ज्ञान जैसी आदिवासी परंपराएं आज पूरी दुनिया के लिए मिसाल बन सकती हैं। झारखंड आदिवासी महोत्सव के अवसर पर उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग के दौर में आदिवासी समाज की प्रकृति केंद्रित जीवनशैली से सीख लेने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय की विशिष्ट परंपराओं को केवल किताबों और शोध तक सीमित रखने के बजाय उन्हें व्यवहारिक जीवन और विकास की नीतियों से जोड़ना होगा। यह भी पढ़ें- झारखंड आदिवासी महोत्सव: आदिवासी संस्कृति, परंपरा व प्रकृति संरक्षण का संदेश आदिवासी समाज को आधुनिक विकास की दौड़ में आगे ला...