देवघर, जनवरी 13 -- मारगोमुंडा,प्रतिनिधि। आदिवासी संताल समाज का सबसे बड़ा पर्व सोहराय शुरू हो गया है। पर्व को लेकर आदिवासी बहुल गांव सालमान्द्रा, बाघसीला, डंगरा, बाघमारा, टिटिचापर, नावाडीह, टीकोपहाड़ी, बरसतिया, बनडबरा, चमकाटांड़, सुगापहाड़ी, पनैहासिंघा, कोलखा, परसिया काशीडीह, बौगइया, ढीबाडीह, मकनपुर आदि गांव के लोग अपने-अपने घरों की निपाई, पोताई के साथ घरों को परंपरागत तरीके से सजाया है। बताया जाता है कि सोहराय पर्व में आदिवासी समाज के लोग खेत, खलिहान, प्रकृति की पूजा करते हैं और खूब झूमते-गाते हुए इस पर्व को मनाते हैं। 10 जनवरी से लेकर मकर संक्रांति तक 5 दिनों तक आदिवासी समाज प्रकृति पूजा, खेत, खलिहान और मवेशी की पूजा करते हैं। इसके साथ ही अपने पूर्वजों को याद करते हैं। 5 दिन तक संताल समाज में मांदर की थाप से वातावरण गुंजते रहता है और उत्...
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