सोनभद्र, मार्च 1 -- विंढमगंज, हिन्दुस्तान संवाद। भारत विविधताओं का देश है, जहां हर क्षेत्र की अपनी अलग संस्कृति और परंपरा है। जनपद के आदिवासी बाहुल्य विंढमगंज थाना क्षेत्र के झारखंड व छत्तीसगढ़ की सीमा से सटे बैरखड़ गांव में होली मनाने की एक अनोखी और अति प्राचीन परंपरा आज भी जीवित है। यहां आदिवासी समाज मुख्य तिथि से दो दिन पहले ही होलिका दहन और होली का उत्सव मनाता है। ग्रामीणों के अनुसार इस वर्ष भी शनिवार की रात होलिका दहन किया गया और रविवार को पारंपरिक रीति-रिवाज से होली खेली गई। निवर्तमान ग्राम प्रधान उदय पाल बताते हैं कि गांव में दो दिन पहले होली मनाने की परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है। बुजुर्गों के मुताबिक बहुत पहले होली के दिन गांव में एक बड़ी अनहोनी हुई थी, जिसमें धन-जन की भारी क्षति और महामारी जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई थी। इसके बाद आद...