रांची, अगस्त 1 -- फोटो है- रांची,संवाददाता।आदिवासी छात्र संघ केंद्रीय समिति की ओर से शनिवार को मोराहबादी बालक छात्रावास में बैठक का आयोजन किया गया। संघ के सदस्यों का कहना है की अब तक हमारी पुरानी मांग तक पूरी नहीं हुई है। उनकी मांग है की 1932 का खतियान आधार मानकर राज्य की डोमेसाइल नीति अविलंब घोषित हो। उनका आरोप है की राज्य सरकार की ओर से सदन में इसे पारित कर दिया गया है,लेकिन केंद्र सरकार ने रोक लगा रखीं है। जिसका परिणाम राज्य में होने वाले विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षों में अन्य राज्य के लोग भी शामिल हो रहे हैं। झारखंड अनुसूचित होने के बावजूद अब तक बाहरी लोगों के प्रवेश पर किसी प्रकार की कोई कारवाई तक नहीं की गई है। सीएनटी और एसपीटी एक्ट लागू होने के बावजूद सदा कागजों पर रैयतों की जमीन को लूटा जा रहा है। साथ ही समिति के सदस्यों का कहना है...