गिरडीह, मई 3 -- पीरटांड़, प्रतिनिधि। संथाल आदिवासियों का जंगल व पहाड़ में सामूहिक शिकार खेलने की परम्परागत त्योहार सेंदरा पर्व पारसनाथ में मनाया गया। बैशाख पूर्णिमा के अवसर पर क्षेत्र से भारी संख्या में आदिवासियों द्वारा पारसनाथ व जंगल को खंगालकर सेंदरा की परंपरा निभाई गई। इस दौरान सामूहिक बैठक कर सामाजिक कुरीतियों को दूर करने को लेकर भी विचार विमर्श किया गया। साथ ही वीरता व सामाजिक एकता का परिचय दिया गया। पौराणिक परम्परा अनुसार बैशाख पूर्णिमा के दिन क्षेत्र के आदिवासी पारम्परिक हथियार मसलन तीर धनुष, कुल्हाड़ी, गुलेल व अन्य हथियार लेकर पारसनाथ व आसपास के जंगलों में गए थे। इस दौरान आदिवासियों द्वारा पहाड़ व घने जंगलों को खंगाला गया। हालांकि वन्य प्राणी आश्रयणी पारसनाथ में वन्य जीवों की सुरक्षा को देखते हुए सेंदरा पर्व की महज परम्परा निभाई गई। ...