बुलंदशहर, दिसम्बर 22 -- आदिम बर्बर समाज में होने वाली ऐसी घटनाओं के प्रति वर्तमान में सख्त सजा जरूरी है। बलात्कार जैसी घटनाएं किसी भी पीड़िता के संपूर्ण व्यक्तित्व को नष्ट कर देती हैं। उनका भविष्य धूमिल एवं अंधकारमय हो जाता है। यह गंभीर टिप्पणी विशेष सत्र न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम ओमप्रकाश वर्मा तृतीय ने हाईवे गैंगरेप के मामले में सजा सुनाए जाने के दौरान अपने फैसले में की। सोमवार को अपने फैसले में न्यायाधीश ओमप्रकाश वर्मा तृतीय ने कहा कि बलात्कारी न सिर्फ पीड़िता की निजता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर हमला करता है, बल्कि बलात्कार के परिणाम स्वरूप गंभीर मनोवैज्ञानिक एवं शारीरिक क्षति पहुंचाता है। बलात्कार एक हमला नहीं, बल्कि यह पीड़िता के संपूर्ण व्यक्तित्व को नष्ट कर देता है। इस घटना की नाबालिग पीड़िता के पास उसका संपूर्ण उज्ज्वल भविष्य मौजूद...
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