रांची, अगस्त 10 -- रांची, वरीय संवाददाता। आदिम जनजाति समूहों को मशरुम की खेती से जोड़ने की कवायद शुरू कर दी गई है। यह प्रयास कटासारु-टेटरीडीपा, गुमला प्रखंड में किया जा रहा है, जिसके तहत 120 ग्रामीण परिवार जीना जीवोपार्जन कृषि, पशुपालन व वनोपज आधारित गतिविधियों पर निर्भर है। इसमें 18 कोरवा जनजाति विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह परिवार को आय अर्जित करने के लिए मशरुम की खेती से जोड़ा जा रहा है, ताकि अत्यंत कमजोर परिवारों के लिए टिकाऊ आजीविका के नए अवसर सृजित किया जाए और उनके पोषण स्तर में सुधार लाया जाए। ज्ञात हो कि प्रत्येक परिवार के पास औसतन मात्र 30 डिसमिल कृषि भूमि है, जिसके कारण केवल खेती के माध्यम से पर्याप्त आय अर्जित करना संभव नहीं था। इन चुनौतियों से निपटने के लिए आदिम समूहों के परिवारों के साथ जिला उद्यान पदाधिकारी तमन्ना परवीन की...