गोड्डा, मार्च 2 -- मेहरमा, एक संवाददाता । सृष्टि के आदिकाल से चला आ रहा है और अनंत काल तक चलेगा वही सत्य सनातन है। ईश्वर, जीव और प्रकृति तीनों अनादि सत्ता है। ईश्वर का दिया वेद भी अनादि सत्ता है।वेद का ज्ञान सृष्टि के आरंभ में ईश्वर ने समाधि अवस्था में चार ॠषियों को दिया। उक्त बातें आर्य समाज के वैदिक पुरोहित विद्यानिधि आर्य ने रविवार को आर्य समाज मंदिर चपरी में सार्वजनिक रूप से आयोजित साप्ताहिक वैदिक हवन यज्ञ के पश्चात प्रवचन के दौरान कही।उन्होंने कहा कि ईश्वर ने चार वेद-ऋग्वेद का ज्ञान अग्नि ऋषि को ज्ञान के लिए, यजुर्वेद का ज्ञान वायु ऋषि को कर्म के लिए, सामवेद का ज्ञान आदित्य ऋषि को उपासना के लिए तथा अथर्ववेद का ज्ञान अंगिरा ऋषि को विज्ञान के लिए दिया। ऋषिकृत जितने भी ग्रंथ हैं, सभी वेद के सिद्धांत पर हीं है। कहा कि जिस प्रकार देश को च...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.