आदमी के जीवन में बढ़ रहा तनाव देखा
गाजीपुर, जुलाई 10 -- गाजीपुर। साहित्य चेतना समाज की ओर से 'चेतना-प्रवाह' कार्यक्रम के तहत नगर के वंशीबाजार स्थित स्वामी विवेकानन्द कालोनी में कवि-गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी का शुभारंभ अभिमन्यु यादव की सरस्वती वंदना 'हे स्वर की देवी माता सरस्वती' से हुआ। युवा कवि मनोज यादव बेफिक्र ने 'आदमी के जीवन में बढ़ रहा तनाव देखा, हंसते हुए चेहरे के पीछे छिपा गहरा घाव देखा' सुनाकर श्रोताओं की वाहवाही लूटी। व्यंग्यकार आशुतोष श्रीवास्तव ने 'झूठ जब गाल बजा रहा था, सच कोने में बैठ ताली बजा रहा था' सुनाकर वर्तमान विसंगतियों की ओर ध्यान आकृष्ट कराया। युवा शायर गोपाल गौरव ने 'बहुत खुश है वो इस दौरे तरक्की में भी ऐ गौरव, जो दुनिया में किसी भी चीज से रिश्ता नहीं जोड़ा' सुनाकर खूब तालियां बटोरी। डॉ. शशांक शेखर पाण्डेय ने 'काले मेघा ले जाना मेरा संदेश' सु...
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