प्रयागराज, जनवरी 25 -- विश्व में व्याप्त अशांति का मुख्य कारण आंतरिक शांति का अभाव है। जब व्यक्ति स्वयं को जानने लगता है, तभी उसके भीतर की अनंत शक्ति जागृत होती है। माघ मेला क्षेत्र के सेक्टर-6 में आयोजित पंचदिवसीय 'जय स्वर्वेद कथा' के तीसरे दिन श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए संत प्रवर विज्ञान देव ने आत्म-ज्ञान की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा। विज्ञान देव ने बताया कि सद्गुरु सदाफलदेव महाराज द्वारा रचित 'स्वर्वेद' आध्यात्मिक ज्ञान का वह चेतन प्रकाश है, जो अविद्या और अंधकार को नष्ट कर देता है। उन्होंने वाणी, विचार और व्यवहार की शुद्धि पर बल देते हुए कहा कि व्यक्तिगत शांति से ही वैश्विक शांति का मार्ग प्रशस्त होगा। इस अवसर पर 2100 कुण्डीय विश्वशांति वैदिक महायज्ञ संपन्न हुआ, जिसकी मंत्रगूंज से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
हिंदी हिन्दुस्त...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.