आत्मानुभूति से मिट जाता है जीव और ब्रह्म का भेद: अवनिंद्रानंद
देवघर, जुलाई 10 -- देवघर, प्रतिनिधि। आनंद मार्ग प्रचारक संघ द्वारा शुक्रवार से द्वितीय संभागीय सेमिनार का शुभारंभ किया गया। मौके पर भुक्ति प्रधान सुनील ने सेमिनार के प्रशिक्षक आचार्य अवनिंद्रानंद अवधूत को माला पहना कर स्वागत किया। इसके बाद तीन घंटे तक अखंड कीर्तन किया गया। जिसमें सैकड़ों दादा एवं दीदी ने भाग लिया। इसके बाद द्वितीय संभागीय सेमिनार के प्रथम दिन का विषय भक्ति रूप सेतु की व्याख्या करते हुए आचार्य अवनिंद्रानंद अवधूत ने कहा कि भक्ति रूपी सेतु में भक्ति वह माध्यम है, जो जीवात्मा को परमात्मा से जोड़ता है। ज्ञान और कर्म इस मार्ग की तैयारी हैं। ज्ञान वस्तु का सूक्ष्म विश्लेषण और समझ, कर्म उस समझ के अनुसार आचरण है। जब साधक इन दोनों के सहारे आगे बढ़ता है, तब भक्ति उत्पन्न होती है और वही उसे भवसागर से पार कराती है।
भक्ति का उद्देश्य भ...
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